Chhattisgarh: सहायक शिक्षक के 2292 पदों पर की जाएगी भर्ती, परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित

रायपुर, 16 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कुल 5000 शिक्षकीय पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। इसी क्रम में सहायक शिक्षक के 2292 पदों पर भर्ती हेतु आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जा रहा है।
इन पदों में से 795 पद ई-संवर्ग की शालाओं में तथा 1497 पद टी-संवर्ग की शालाओं में भरे जाएंगे। यह भर्ती राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से की जा रही है।
विस्तृत विज्ञापन जल्द होगा जारी
लोक शिक्षण संचालनालय के उपसंचालक श्री अशोक नारायण बंजारा ने जानकारी दी कि सहायक शिक्षक भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जल्द ही जारी किया जाएगा। यह विज्ञापन छत्तीसगढ़ व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट
https://vyapamcg.cgstate.gov.in/
तथा स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट
https://eduportal.cg.nic.in/
पर उपलब्ध रहेगा।
इसके साथ ही भर्ती परीक्षा का पूरा पाठ्यक्रम (सिलेबस) भी व्यापम की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, जिससे अभ्यर्थी समय रहते तैयारी कर सकें।
परीक्षा की संभावित तिथि घोषित
अधिकारियों के अनुसार इन पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा किया जाएगा। परीक्षा की संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि परीक्षा की अंतिम तिथि और कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि व्यापम द्वारा अलग से की जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन की जानकारी बाद में जारी होगी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से संबंधित तिथि और दिशा-निर्देश व्यापम द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट चेक करते रहें ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न रहें।
व्याख्याता और शिक्षक पदों पर भी भर्ती
स्कूल शिक्षा विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप आगे चलकर व्याख्याता एवं शिक्षक के पदों पर भी अलग से भर्ती विज्ञापन जारी किए जाएंगे। इससे प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
भर्ती का उद्देश्य
इस भर्ती प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य राज्य के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और शिक्षकों की कमी को पूरा करना है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।





