आम चुनाव 2026: अवैध सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त हुआ चुनाव आयोग, 3 घंटे में होगी कार्रवाई
AI-जनित कंटेंट पर लेबल जरूरी, 11 हजार से ज्यादा पोस्ट पर कार्रवाई

रायपुर, 20 अप्रैल 2026। भारत निर्वाचन आयोग ने आम चुनाव और उपचुनाव 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अवैध और भ्रामक सामग्री के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, आईटी नियम 2021 और आदर्श आचार संहिता (MCC) के तहत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी और नैतिक रूप से उपयोग करना अनिवार्य है।
आयोग के निर्देश के अनुसार, किसी भी भ्रामक, अवैध या AI-जनित (AI Generated) कंटेंट की शिकायत मिलने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी।
AI कंटेंट पर सख्ती
राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और प्रचार से जुड़े लोगों के लिए आयोग ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत:
- AI या डिजिटल रूप से तैयार कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना जरूरी होगा
- “AI-जनित”, “डिजिटल रूप से संवर्धित” या “सिंथेटिक सामग्री” का उल्लेख अनिवार्य
- कंटेंट बनाने वाली मूल इकाई की जानकारी देना भी जरूरी
इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना है।
11 हजार से ज्यादा पोस्ट पर कार्रवाई
असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान आयोग लगातार सोशल मीडिया की निगरानी कर रहा है।
15 मार्च 2026 को चुनाव घोषणा के बाद से:
- 11,000+ सोशल मीडिया पोस्ट/URL चिन्हित
- कई मामलों में कंटेंट हटाया गया
- FIR, स्पष्टीकरण और खंडन जैसी कार्रवाई भी की गई
48 घंटे की मौन अवधि के नियम
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का भी उल्लेख किया है। इसके अनुसार:
- मतदान से 48 घंटे पहले किसी भी तरह का चुनाव प्रचार प्रतिबंधित रहेगा
- यह नियम टीवी, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया सभी पर लागू होगा
C-Vigil ऐप से शिकायत का रिकॉर्ड
आयोग के ‘C-Vigil’ प्लेटफॉर्म पर जनता सक्रिय रूप से शिकायत दर्ज करा रही है:
- 15 मार्च से 19 अप्रैल तक 3,23,099 शिकायतें दर्ज
- इनमें से 96.01% शिकायतें (3,10,393) का समाधान 100 मिनट के भीतर किया गया।
चुनाव आयोग का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि 2026 के चुनावों में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की गलत या भ्रामक जानकारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए AI और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी।





