
धर्म डेस्क / लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही बाबा केदार के दर्शन का शुभ अवसर शुरू हो गया है। वहीं बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को ही खुल चुके हैं। इसी के साथ चारधाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

कहां से शुरू होती है केदारनाथ यात्रा
चारधाम यात्रा परंपरागत रूप से यमुनोत्री से शुरू होती है, लेकिन केदारनाथ धाम की यात्रा को सबसे कठिन माना जाता है। अधिकतर श्रद्धालु ऋषिकेश या हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू करते हैं।
केदारनाथ पहुंचने के लिए गौरीकुंड से लगभग 16-18 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई करनी होती है। हालांकि, जो लोग पैदल नहीं जा सकते, उनके लिए हेलीकॉप्टर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
रजिस्ट्रेशन है अनिवार्य
केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है। बिना पंजीकरण किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन के बाद यात्रियों को दर्शन के लिए स्लॉट टोकन जारी किया जाता है, जिसे यात्रा मार्ग में चेक किया जाता है।
ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
- आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करें
- ‘Tourist Care Uttarakhand’ मोबाइल ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन संभव
- व्हाट्सएप नंबर +91 8394833833 पर “Yatra” लिखकर भेजकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है
- रजिस्ट्रेशन के बाद स्लॉट टोकन अनिवार्य रूप से साथ रखें
मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा बैन
केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को अपने गैजेट्स क्लॉक रूम में जमा करने होंगे।
स्वास्थ्य जांच जरूरी
केदारनाथ यात्रा पर जाने से पहले मेडिकल चेकअप जरूरी है, खासकर 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए। जिन श्रद्धालुओं को डायबिटीज, अस्थमा या अन्य गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
यात्रा के लिए जरूरी तैयारी
- अत्यधिक ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े जरूर रखें
- बारिश से बचाव के लिए रेनकोट साथ रखें
- मजबूत ट्रेकिंग जूते पहनें
- ऊंचाई वाले इलाके के अनुसार शरीर को तैयार रखें
घोड़ी, पालकी और हेलीकॉप्टर की सुविधा
गौरीकुंड से केदारनाथ तक घोड़ी, खच्चर, पालकी और हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध है। हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग IRCTC के heliyatra पोर्टल से की जा सकती है।
सेवा गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से संचालित होती है, जहां से अलग-अलग किराए निर्धारित हैं।
चारधाम यात्रा का विशेष महत्व
केदारनाथ धाम भगवान शिव को समर्पित है, जबकि बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु का प्रमुख तीर्थ स्थल है। हर साल लाखों श्रद्धालु इन धामों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां दर्शन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
चारधाम यात्रा 2026 शुरू हो चुकी है और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। हालांकि, यात्रा पर निकलने से पहले रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य जांच और जरूरी तैयारी करना बेहद आवश्यक है, ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और सुखद रहे।





