जांजगीर-चांपा में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1372 बोरी खाद जब्त; दो उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई

जांजगीर-चांपा, 5 जून 2026। खरीफ सीजन से पहले किसानों को पर्याप्त और पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग ने जिले के दो उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापेमार कार्रवाई करते हुए कुल 1372 बोरी उर्वरक जब्त किए हैं। विभाग ने अनियमितता पाए जाने पर यह कार्रवाई उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत की है।
उप संचालक कृषिराकेश शर्मा के निर्देश पर जिले में निजी कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उर्वरक वितरण में गड़बड़ी और रिकॉर्ड में अनियमितता मिलने पर विभाग द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
पोड़ी और तुस्मा में हुई कार्रवाई
कृषि विभाग को मिली सूचना के आधार पर 5 जून 2026 को दो अलग-अलग स्थानों पर जांच की गई। जांच के दौरान मेसर्स सुरेश कुमार अग्रवाल, ग्राम पोड़ी (विकासखंड नवागढ़) के यहां 1000 बोरी सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) और 272 बोरी एनपीके (NPK) खाद पाई गई। वहीं मेसर्स पटेल खाद भंडार, ग्राम तुस्मा के यहां 100 बोरी यूरिया का स्टॉक मिला।
जांच के दौरान संबंधित विक्रेताओं द्वारा खाद की खरीद संबंधी बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं पाया गया तथा पीओएस मशीन में दर्ज मात्रा और गोदाम में उपलब्ध खाद की मात्रा में भी अंतर मिला। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए विभाग ने पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया।
कालाबाजारी रोकने विभाग का अभियान जारी
उप संचालक कृषिराकेश शर्मा ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए जिलेभर में लगातार निरीक्षण और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता के यहां नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हित में सख्त निगरानी
कृषि विभाग की इस कार्रवाई को किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को खरीफ सीजन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।





