साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट खोलने वाले गिरोह का भंडाफोड़, बैंककर्मी समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 23 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नवागढ़ पुलिस ने संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 20.40 लाख रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह में बैंककर्मी और दुकानदार की संलिप्तता सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।
कैसे हुआ खुलासा
पुलिस को म्यूल अकाउंट (फर्जी बैंक खातों) के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांजैक्शन होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में नवागढ़ पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि HDFC बैंक, राछाभाठा शाखा में वर्ष 2023-2024 के दौरान 6 फर्जी बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों में साइबर ठगी के जरिए कुल ₹20,40,244 जमा किए गए थे।
ऐसे चलता था ठगी का खेल
गिरफ्तार आरोपी ननकी गौड़ ने पूछताछ में बताया कि गिरोह भोले-भाले लोगों को पैसे का लालच देकर उनके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल करता था। इसके बाद फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाए जाते थे।
इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगवाने के लिए किया जाता था।
फिर बैंककर्मी और दुकानदार की मदद से इन खातों से पैसे निकालकर कमीशन के रूप में बांट लिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पुलिस ने इस मामले में निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- ननकी गौड़ (25) – खाताधारक
- गौतम देवांगन (21) – खाताधारक
- टीकाराम श्रीवास (29) – बैंककर्मी (HDFC)
- राजेश्वर साहू (31) – दुकानदार
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े 4 अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक दस्तावेज या आधार कार्ड न दें और लालच में आकर बैंक खाते न खुलवाएं। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठगी अब संगठित रूप ले चुकी है, जिसमें स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।





