
पटना/ बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया है। इस फैसले के साथ राज्य में लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है। लगभग दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, पटना में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा नेतृत्व ने सम्राट चौधरी के नाम पर अंतिम मुहर लगाई। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया, जिसके बाद पार्टी विधायकों ने भी एकजुट होकर उनका समर्थन किया।
शपथ ग्रहण की तैयारी तेज
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को आयोजित किया जाएगा। राजभवन में होने वाले इस कार्यक्रम में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ अन्य मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। हालांकि, कार्यक्रम को सादगीपूर्ण और सीमित स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से एक या दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, ताकि गठबंधन संतुलन बनाए रखा जा सके।
बैठक में सर्वसम्मति से हुआ फैसला
भाजपा विधायक दल की बैठक में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने एकमत से स्वीकार कर लिया। इसके बाद पार्टी पर्यवेक्षक के रूप में पहुंचे केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधियों ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की।
इस बैठक में यह भी तय किया गया कि सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जिसके बाद वे राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन का दावा पेश करेंगे।
लगातार तीसरी बार नेतृत्व की जिम्मेदारी
सम्राट चौधरी को यह जिम्मेदारी कोई पहली बार नहीं मिली है। वे पहले भी भाजपा विधायक दल के नेता रह चुके हैं। 2024 में जब नीतीश कुमार ने एनडीए में वापसी की थी, तब भी सम्राट चौधरी को महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई थी और वे उपमुख्यमंत्री बने थे।
इसके बाद 2025 के विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत के बाद भी उन्हें पार्टी का नेता चुना गया। अब नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उन्हें तीसरी बार नेतृत्व की कमान मिली है, जो उनके राजनीतिक कद को और मजबूत करता है।
दिनभर चली राजनीतिक हलचल
मंगलवार को पटना में पूरे दिन राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक की, जिसमें सभी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ फोटो सेशन भी हुआ। इसके बाद दोपहर में उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
इसी के बाद भाजपा कार्यालय में विधायक दल की बैठक हुई, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया गया।
केंद्र से लेकर राज्य तक निगाहें
इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान कई बड़े नेता पटना पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पर्यवेक्षक भी बैठक में मौजूद रहे। वहीं शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय नेतृत्व के भी शामिल होने की संभावना है।
सम्राट चौधरी के नाम की चर्चा पिछले कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में चल रही थी, जो अब आधिकारिक रूप से सच साबित हुई है। नीतीश कुमार के सत्ता से हटने के बाद बिहार में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत मानी जा रही है।





