बिहार में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? सत्ता परिवर्तन तेज, 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट तेज
पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों तेज हलचल देखने को मिल रही है। राज्य में सत्ता परिवर्तन की तैयारियों के बीच 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण की संभावना जताई जा रही है। राजधानी पटना स्थित 5 देशरत्न मार्ग पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर लगातार बढ़ती गतिविधियों ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
लगातार बैठकों से बढ़ी हलचल
जदयू और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का सम्राट चौधरी के आवास पर लगातार आना-जाना जारी है। इस बीच राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा की मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। करीब आधे घंटे चली इस बातचीत को सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा भी सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने भी मुलाकात कर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की।
भाजपा नेताओं की भी सक्रियता
भाजपा खेमे में भी गतिविधियां तेज हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया ने सम्राट चौधरी से मुलाकात की। नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद किसी ने भी मीडिया से खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन अंदरखाने चर्चाओं का दौर जारी है।
विधायक दल की बैठक आज
सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। दोपहर 3 बजे होने वाली इस बैठक के बाद शाम 4 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए के नेता का चयन किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री और पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान इस दौरान नए मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं।
इस्तीफे की अटकलें
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दोपहर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित होगा।
समर्थन में धार्मिक आयोजन
सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर राज्य के कई हिस्सों में धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं। पटना और खगड़िया सहित कई जिलों में हवन और महायज्ञ आयोजित किए गए हैं, जिससे उनके समर्थन में माहौल बनता दिख रहा है।
शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज
राजधानी के लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
कैबिनेट गठन का फॉर्मूला तैयार
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार में 32-33 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। संभावित फॉर्मूले के तहत भाजपा को 15, जदयू को 14, लोजपा (रा) को 2, हम को 1 और रालोमो को 1 मंत्री पद मिल सकता है। वर्तमान कैबिनेट में 27 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा और जदयू के मंत्री शामिल हैं।
कैबिनेट में बदलाव के संकेत
नई सरकार में कुछ नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। भाजपा कोटे से कुछ गैर-प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को हटाने की चर्चा है। साथ ही खाली पदों को भरने के लिए नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इस बार कैबिनेट गठन में क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अगले 24-48 घंटे अहम
कुल मिलाकर बिहार की राजनीति में अगले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस्तीफे से लेकर नए नेतृत्व के चयन और शपथ ग्रहण तक, हर कदम राज्य की सियासत की दिशा तय करेगा।





