इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को राष्ट्रीय सम्मान, बना देश का सर्वश्रेष्ठ सोयाबीन अनुसंधान केंद्र
हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय बैठक में मिला अवॉर्ड, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई

रायपुर, 13 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को राष्ट्रीय स्तर पर “सर्वश्रेष्ठ सोयाबीन अनुसंधान केंद्र” का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। यह सम्मान वर्ष 2023-2025 की मूल्यांकन अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।
यह अवॉर्ड अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (सोयाबीन) के तहत हैदराबाद में आयोजित 56वीं वार्षिक समूह बैठक में दिया गया। इस उपलब्धि पर कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और टीम को बधाई दी है।
क्यों मिला यह राष्ट्रीय पुरस्कार?
रायपुर स्थित इस केंद्र को कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया, जिनमें शामिल हैं:
- उन्नत अनुसंधान परीक्षण और वैज्ञानिक प्रकाशन
- नई सोयाबीन किस्मों का विकास
- प्रौद्योगिकी नवाचार और किसान संपर्क कार्यक्रम
- बड़े पैमाने पर बीज उत्पादन और वितरण
इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की बहुविषयक टीम—डॉ. सुनील कुमार नाग, डॉ. रामा मोहन सावु और डॉ. ऐश्वर्या टंडन—ने प्राप्त किया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
यह सम्मान प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय, हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में देश के कई वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और संस्थानों के प्रमुख मौजूद रहे।
अनुसंधान और नवाचार में बड़ी उपलब्धियां
विश्वविद्यालय के सोयाबीन अनुसंधान केंद्र ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं:
- हर साल 1000 से अधिक जर्मप्लाज्म लाइनों का प्रबंधन
- उन्नत किस्मों जैसे आएससी 11-42, 11-72 और 12-32 का विकास
- पूर्वी भारत के लिए 3 नई किस्में विकसित
- 6 नई उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकें तैयार
- किसानों के लिए 100 से ज्यादा फ्रंटलाइन डेमो हर साल
किसानों को सीधा फायदा
इस केंद्र ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों, खासकर कांकेर जिले में किसानों को नई तकनीकों और प्रशिक्षण के जरिए लाभ पहुंचाया है।
- बेहतर फसल प्रबंधन से उत्पादकता में वृद्धि
- उन्नत बीजों से आय में इजाफा
- टिकाऊ खेती के लिए नई तकनीकों का प्रसार
वैज्ञानिकों को भी मिला सम्मान
सोयाबीन अनुसंधान में योगदान के लिए:
- डॉ. सुनील कुमार नाग को फेलो-2025 से सम्मानित किया गया
- डॉ. तापस चौधरी को नई माइक्रोबियल तकनीक विकसित करने पर पुरस्कार मिला
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की यह उपलब्धि न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के कृषि अनुसंधान क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। यह सम्मान विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक उत्कृष्टता, नवाचार और किसानों के प्रति समर्पण को दर्शाता है। आने वाले समय में यह केंद्र सोयाबीन उत्पादन और कृषि विकास में और भी बड़ी भूमिका निभाएगा।





