
Vrindavan boat accident: धार्मिक नगरी वृंदावन में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। यमुना नदी के एक घाट पर श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की डूबने से मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडे ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
नाव में क्षमता से अधिक सवार थे यात्री
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नाव में लगभग 30 से 35 श्रद्धालु सवार थे, जो पंजाब से वृंदावन दर्शन और यमुना स्नान के लिए आए थे। एक घाट से दूसरे घाट की ओर जाते समय अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह बीच धारा में पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाव में निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट की कोई व्यवस्था नहीं थी।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। स्थिति को गंभीर देखते हुए SDRF, NDRF और भारतीय सेना की टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया है।
नदी का तेज बहाव और गहराई बचाव कार्य में बाधा बन रही है, फिर भी टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद घाटों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाव संचालन में नियमों की अनदेखी लंबे समय से हो रही थी, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने दुख व्यक्त करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
लापता लोगों की संख्या को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। प्रशासन मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन को लगातार तेज किया जा रहा है।





