JANJGIR CHAMPA: ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर बवाल, यादव समाज कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, PM के नाम सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा से उठी आपत्ति, फिल्म पर प्रतिबंध की मांग
जांजगीर-चांपा / छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में ‘यादव जी की लव स्टोरी’ नामक फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा सहित कई यादव संगठनों के प्रतिनिधि गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की।

प्रतिनिधियों का आरोप है कि फिल्म की कथित कहानी यादव समाज की प्रतिष्ठा और सामाजिक अस्मिता को ठेस पहुंचाने वाली है।
“समाज की छवि धूमिल करने की कोशिश” – गिरधारी यादव
अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के जिला अध्यक्ष गिरधारी यादव ने कहा कि फिल्म समाज का आईना होती है और उसका उद्देश्य सकारात्मक संदेश देना होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को साजिश के तहत इस तरह तैयार किया गया है जिससे यादव समाज को बदनाम किया जा सके।
उन्होंने कहा, “किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय के नाम से ऐसी फिल्में नहीं बननी चाहिएं जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ें और समाज की महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाएं।”
क्या है आपत्ति का मुख्य कारण?
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि फिल्म में कथित रूप से यादव समाज की लड़की और मुस्लिम समुदाय के लड़के के बीच प्रेम प्रसंग और विवाह जैसे विषय को दिखाया गया है।
यादव समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह के कथानक को जातिसूचक नाम से जोड़कर प्रस्तुत करना समाज को बदनाम करने जैसा है। उनका आरोप है कि यह फिल्म सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है।
हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
यादव संगठनों ने सामूहिक रूप से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए इसे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से फिल्म पर रोक लगाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की गई है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
कौन-कौन रहे उपस्थित?
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में गिरधारी यादव, त्रिभुवन यादव, देव कुमार यादव, परमेश्वर धनु यादव, अमित यादव, सोनू यादव, सनी यादव, रामेश्वर यादव, शिवचरण यादव, शोभा यादव, ओमकार यादव, रामनारायण यादव, महेश यादव, सुरेन्द्र यादव, द्वारिका यादव, मनोज यादव, सुखसागर यादव, सुरेश यादव, बोधराम यादव, पतीराम यादव, संतोष यादव, शत्रुघन यादव, नत्थूलाल यादव, किशन यादव, संजय यादव, पंकज यादव, रामखीलावन यादव, डॉ. खिलावन यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि शामिल रहे।
सामाजिक सौहार्द का सवाल
यादव समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी जाति या धर्म विशेष के नाम से फिल्म बनाना सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है। उनका मानना है कि फिल्में समाज को जोड़ने का माध्यम होनी चाहिए, न कि विभाजन का।
आगे क्या?
फिलहाल जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरण इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।
यदि विवाद बढ़ता है, तो यह मामला राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकता है।





